उसकी कोई गलती नहीं थी!
अरे नहीं, इसमें उसकी कोई गलती नहीं थी! वो ऐसी परिस्थितियों में ही पला था जहाँ छीन कर, चुराकर और धोखा देकर ही कुछ पाया जा सकता था और जहाँ चालबाजी को सबसे कीमती आभूषण के रूप में धारण किया जाता था! उसने अपने माता, पिता, भाई और दोस्तों को ऐसे ही करते देखा था! उसने शारीरिक शक्ति और सौंदर्य के प्रभाव से सम्मान व् सुख की प्राप्ति के साधन सृजित करना सीखा था अपने दूसरे दोस्तों की तरह! वह उन सभी शास्त्रों और धर्म के मार्ग से पृथक था क्योकि ऐसा कोई भी नहीं था जो उसे यह बताता की वो जो कर रहा है वो भविष्य में उसके लिए क्या प्रतिफल लेकर आने वाला है!