बात जरुर करे !

अंतररास्ट्रीय समस्याओ से लेकर आम जीवन की छोटी छोटी बाते, बात-चीत सभी समस्याओ का एकमात्र समाधान है!

गौरतलब है की यह ऐसे शब्दों में हो की कहने वाला जो समझ कर कहता हो सुनने वाला भी उसे वैसे ही समझ पाए! सुनने में यह ध्यान रखना होगा की कोई पूर्व की बात आपको सही अर्थ समझने से न रोक रही हो! यथा संभव उदार होकर किसी बात को सुने! स्वयं को विद्वान समझने से अच्छा है की जो बाते आपकी समझ से परे है उसे किसी अनुभवी व्यक्ति से पूछ ले! कहने वाले की बात को सुनने वाला अगर अपने किसी विशेष उद्देश्य की पूर्ति के लिए कोई दूसरा अर्थ लेता है तो यह समाधान से दूर लेकर जायेगा! बाते अच्छी या बुरी नहीं होती बल्कि हम यह देख पाए की ये किस तरह हमें अपनी तात्कालिक समस्याओ से मुक्ति देता है! यह बेहद जरुरी है की भले ही कुटनीतिक हो पर बात जरुर करे!

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