हे नीच मनुष्यों ।
हे नीच मनुष्यों, तुमने खा लिया है या क़ब्ज़ा कर लिया है उन बंदरों का खाना जिन्होंने आज मेरे कूड़ेदान से जूठे फल के छिलके खाए है ।
बहुत पाप लगेगा, खाना तो नहीं ही मिलेगा ऐसे कर्म पर । 
और पानी के स्रोतों पर जो तुमने क़ब्ज़ा किया है और पशु - पंछी पानी के बिना तड़प के मर रहें है । इसी लिए पानी भी नहीं मिलेगा ।
प्रेत बनोगे सब ।
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