भ्रम

वह घनघोर जंगल की अँधेरी गुफा में बैठा था जहाँ तक सूर्य का प्रकाश कभी पंहुचा ही नहीं! एक दिन अचानक गुफा के द्वार पर दीपक प्रकट हुआ! जिसने कभी प्रकाश ही न देखा हो उसके लिए यह ईश्वरीय अनुभूति से कम न रहा होगा! परन्तु वो भाग कर पुनः छिप गया! वर्षो से जिस अंधकार में वो रहा था उसके मोहपाश से वो कभी मुक्त नहीं होना चाहता था और उसे दीपक के होने की सत्यता में भ्रम था!

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