#हिंदी

पहले लोगों का Status हुआ करता था। अब लोग status लगाते हैं । और वो भी अंग्रेज़ी में । चाहे अंग्रेज़ी में दो शब्द एक Comfortable और एक English ही आता हो तो बोलेंगे english में comfortable है । ये समझ में नहीं आता की जब हिंदी भाषी देश में जन्म लिया तो हिंदी में सहज क्यू नहीं महसूस करते हैं । शायद हिंदी में उदंडता की अभिब्यक्ति सहज नहीं है।
कुछ लोग तो नीचता की निष्कृष्टता तक गिर कर अपनी मातृभाषा का अपमान करने में लग गए हैं । बताते हैं कि हिंदी में बोलना बहुत कठिन है । और फिर क्लिष्ट शब्दों में एक अंग्रेज़ी शब्द की पूरे वाक्य में हिंदी अर्थ बताकर मज़ाक़ बनाते है ।
ऐसे लोग ग़ुलाम मानसिकता से आज़ादी के इतने दशकों बाद भी उबर नहीं पाए । कुछ लोग तो अपने परिवार में भी अंग्रेज़ी में ही बात करते है जैसे किसी अंग्रेज का परिवार हों।
कुछ लोग चाय बेचने वाले से अंग्रेज़ी में चाय माँगते है या यू कहें तभी अंग्रेज़ी बोलते है जब उन्हें पता हो की सामने वाला ज़्यादा समझ नहीं पाएगा । कुछ को ग़ुस्सा भी अंग्रेज़ी में ही आता है ।
अंग्रेजों ने भारत पर जब शासन किया तो हिंदी को तुच्छ भाषा बताया और मैकाले ने शिक्षा व्यवस्था का माध्यम अंग्रेज़ी कर दिया । कभी जो मजबूरी थी उसको आज अपनी शान बताने लगे ।

शायद अंग्रेज़ी बोलकर स्वयं को अंग्रेजों के समकक्ष मानते होंगे ये लोग। क्यूँकि मातृभाषा हिंदी वाले भारत देश में जहां उनके पूर्वज रहे, जो उनके दादा, पर-दादा की भाषा थी उसे बोलने में शर्म महसूस होती होगी । शायद अपनी उत्पत्ति पर भी शर्म आती होगी की क्यू हिंदी भाषी देश में जन्म लिया और सबसे शर्मनाक उनका नाम हिंदी में रख दिया गया । #हिंदी 

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